BTSC Recruitment 2025-26: बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) बम्पर भर्ती | गाइड – पात्रता, सिलेबस, चयन प्रक्रिया

Table of Contents

1. प्रारंभिक अवलोकन: BTSC का महत्व और दायरा (Scope and Significance)

बिहार राज्य में कुशल और प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) एक केंद्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करता है। यह आयोग राज्य के उन सभी प्रमुख विकास कार्यों की रीढ़ है, जिनके लिए तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। चाहे वह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता हो (ANM/GNM) या फिर राज्य भर में पुलों, सड़कों और भवनों का निर्माण (Junior Engineer), BTSC ही इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया को अंजाम देता है।

आयोग की स्थापना का मूल विचार भर्ती प्रक्रिया को तीव्र, केंद्रीकृत और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुरूप बनाना था। पहले, इन पदों की भर्ती या तो धीमी गति से होती थी या फिर अन्य बड़े आयोगों (जैसे BPSC/BSSC) के अतिभार के कारण अटकी रहती थी। BTSC ने पिछले कुछ वर्षों में हजारों रिक्तियों को भरकर इस गतिरोध को तोड़ा है। यह न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करता है, बल्कि राज्य की प्रशासनिक और विकासात्मक मशीनरी को भी मजबूत करता है। इस लेख का उद्देश्य आपको BTSC की जटिल भर्ती प्रक्रिया, इसके बदलते नियमों और सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक रणनीति के प्रत्येक सूक्ष्म पहलू से परिचित कराना है।


2. बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) का गठन और कार्य प्रणाली

2.1. कानूनी आधार और उद्देश्य

BTSC की स्थापना बिहार तकनीकी सेवा आयोग अधिनियम, 2014 के तहत की गई थी। यह अधिनियम आयोग को स्वायत्तता प्रदान करता है ताकि वह राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, खासकर इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य, कृषि और पशुपालन जैसे तकनीकी विभागों में Group B और Group C स्तर के पदों पर भर्ती कर सके।

प्रमुख उद्देश्य:

  • विशेषज्ञता-आधारित चयन: तकनीकी पदों के लिए विशिष्ट ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों का चयन करना।
  • भर्ती में तेजी लाना: लंबे समय से लंबित रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से भरना।
  • पारदर्शिता सुनिश्चित करना: चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना, जिसमें लिखित परीक्षा, अनुभव और शैक्षणिक योग्यता को उचित वेटेज दिया जा सके।

2.2. आयोग की संगठनात्मक संरचना

आयोग का नेतृत्व एक अध्यक्ष (Chairman) और सदस्य (Members) करते हैं, जो सामान्यतः तकनीकी या प्रशासनिक पृष्ठभूमि से आते हैं। आयोग का सचिवालय भर्ती प्रक्रिया के क्रियान्वयन, विज्ञापन जारी करने, परीक्षा आयोजित करने और दस्तावेज़ सत्यापन (DV) का प्रबंधन करता है। आवेदकों को यह समझना चाहिए कि आयोग किसी विभाग का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक स्वतंत्र चयन संस्था है, जो केवल रिक्तियों की पूर्ति के लिए काम करती है।


3. BTSC द्वारा विज्ञापित मुख्य पद और उनकी भूमिकाएँ

BTSC विभिन्न विभागों की आवश्यकतानुसार भर्तियां निकालता है।

3.1. कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer – JE)

ये पद विकास कार्यों की आधारशिला हैं।

  • विभाग: पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, भवन निर्माण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), आदि।
  • कार्य: योजनाओं की रूपरेखा बनाना, साइट पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, माप पुस्तिका (Measurement Book) का रखरखाव और ऊपरी अधिकारियों को रिपोर्ट करना। JE, एक तरह से, सरकार की तकनीकी भुजा होते हैं जो योजनाओं को धरातल पर उतारते हैं। इनकी भर्ती प्रायः सिविल (Civil), मैकेनिकल (Mechanical), और इलेक्ट्रिकल (Electrical) स्ट्रीम में होती है।

3.2. स्वास्थ्य सेवा संवर्ग (Medical & Nursing Cadre)

स्वास्थ्य विभाग के लिए BTSC बड़े पैमाने पर भर्ती करता है।

  • ANM (Auxiliary Nurse Midwife): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्य जिम्मेदारी संभालती हैं।
  • GNM/स्टाफ नर्स: जिला अस्पतालों और बड़े चिकित्सा संस्थानों में रोगी देखभाल और वार्ड प्रबंधन का कार्य संभालती हैं।
  • फार्मासिस्ट: दवाओं का वितरण और स्टॉक प्रबंधन।
  • इन पदों के माध्यम से बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है।

3.3. औद्योगिक प्रशिक्षण अनुदेशक (ITI Trade Instructor)

बिहार के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने में इन अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

  • योग्यता: संबंधित ट्रेड में इंजीनियरिंग डिग्री/डिप्लोमा के साथ CITS (Craft Instructor Training Scheme) प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है।
  • कार्य: आईटीआई संस्थानों में छात्रों को ट्रेड-विशिष्ट कौशल (जैसे फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर आदि) प्रदान करना और उन्हें औद्योगिक रूप से तैयार करना।

3.4. अन्य विशेषज्ञ और तकनीकी पद

इनमें रेडियोग्राफर, एक्स-रे तकनीशियन, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, ओफ्थल्मिक असिस्टेंट, लैब तकनीशियन और मत्स्य प्रसार पदाधिकारी जैसे विशिष्ट पद शामिल हैं। ये सभी पद राज्य की तकनीकी और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक होते हैं।


4. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) का गहन विश्लेषण

BTSC में सफलता की पहली सीढ़ी है पात्रता मानदंडों को शत-प्रतिशत पूरा करना।

4.1. शैक्षणिक योग्यता: डिग्री बनाम डिप्लोमा

अधिकांश तकनीकी पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तीन वर्षीय डिप्लोमा होती है।

  • कनिष्ठ अभियंता: AICTE मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित इंजीनियरिंग ट्रेड में डिप्लोमा।
  • ANM/GNM: संबंधित नर्सिंग काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान से प्रमाण पत्र।
  • महत्वपूर्ण विसंगति: JE पदों पर बी.टेक (B.Tech/BE) उम्मीदवारों की पात्रता अक्सर कानूनी विवाद का विषय रही है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे विज्ञापन में दिए गए विशिष्ट खंड (Specific Clause) को ध्यान से पढ़ें। कई बार, डिप्लोमा को ही अनिवार्य न्यूनतम योग्यता रखा जाता है।

4.2. आयु सीमा और सरकारी नियम अनुसार छूट

आयु की गणना विज्ञापन की कट-ऑफ तिथि के अनुसार की जाती है।

  • न्यूनतम आयु: आमतौर पर 18 वर्ष या 21 वर्ष।
  • अधिकतम आयु (अनारक्षित पुरुष): 37 वर्ष।
  • आरक्षित वर्ग: OBC/EBC के लिए 3 वर्ष (40 वर्ष), SC/ST के लिए 5 वर्ष (42 वर्ष)।
  • दिव्यांगजन: उन्हें आयु सीमा में 10 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलती है।
  • संविदा कर्मियों के लिए विशेष प्रावधान: बिहार सरकार के अधीन संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के समतुल्य आयु में छूट दी जाती है, जिससे उन्हें अधिकतम 60 वर्ष तक आवेदन करने का अवसर मिल सकता है।

4.3. बिहार अधिवास (Domicile) और आरक्षण की शर्तें

  • अधिवास: बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना आरक्षण का लाभ लेने के लिए अनिवार्य है। जो उम्मीदवार बिहार के बाहर के हैं, वे ‘अनारक्षित (General)’ श्रेणी के तहत आवेदन करेंगे।
  • आरक्षण का आधार: बिहार सरकार के नवीनतम आरक्षण नियमों (SC: 16%, ST: 1%, EBC: 18%, BC: 12%, RCG/BC-Female: 3%, EWS: 10%) का पालन किया जाता है।
  • महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण: बिहार की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण लागू है, जो महिला उम्मीदवारों के लिए बहुत बड़ा अवसर है।

5. BTSC की बदलती चयन प्रक्रिया: मेरिट, परीक्षा और अनुभव

BTSC ने अपनी विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

5.1. पूर्व की मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया

शुरुआत में, कई पदों (विशेषकर ANM और JE) पर चयन पूरी तरह से उम्मीदवार के शैक्षणिक अंकों और संविदा अनुभव के आधार पर होता था।

  • वेटेज का वितरण (उदाहरण):
    • डिप्लोमा/डिग्री के अंकों का प्रतिशत: 75 अंक (वेटेज देकर)।
    • संविदा पर कार्य अनुभव: 25 अंक (प्रत्येक वर्ष के लिए 5 अंक, अधिकतम 5 वर्ष/25 अंक)।
  • यह प्रक्रिया सरल थी लेकिन इसमें योग्य और अयोग्य उम्मीदवारों के बीच भेद करना मुश्किल हो जाता था।

5.2. वर्तमान और भविष्य की लिखित परीक्षा (CBT) आधारित प्रक्रिया

अब आयोग ने गुणवत्तापूर्ण चयन के लिए लिखित परीक्षा (Computer Based Test – CBT) को मुख्य आधार बनाना शुरू कर दिया है।

  • उदाहरण: ITI इंस्ट्रक्टर और हालिया ANM भर्तियों में CBT को 70% से 80% वेटेज दिया गया है।
  • फायदा: यह उन उम्मीदवारों को भी मौका देता है जिनके शैक्षणिक अंक किसी कारणवश कम रहे हैं, लेकिन वर्तमान में वे विषय के ज्ञान में दक्ष हैं।

5.3. अनुभव (संविदा सेवा) के लिए बोनस अंकों की गणना

जिन उम्मीदवारों ने बिहार सरकार के अधीन संविदा पर कार्य किया है, उन्हें बोनस अंक दिए जाते हैं।

  • मानदंड: सामान्यतः प्रत्येक पूर्ण वर्ष की संविदा सेवा के लिए 5 अंक दिए जाते हैं।
  • प्रमाण पत्र: सक्षम प्राधिकारी (सिविल सर्जन, कार्यपालक अभियंता आदि) द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र ही मान्य होता है। यह प्रमाण पत्र आवेदन की अंतिम तिथि तक की सेवा अवधि को कवर करना चाहिए।

6. BTSC परीक्षा पैटर्न और विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus)

लिखित परीक्षा (CBT) की तैयारी के लिए सटीक पैटर्न और सिलेबस समझना निर्णायक होता है।

6.1. सामान्य परीक्षा पैटर्न

  • प्रकार: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions – MCQs)।
  • कुल प्रश्न: 100 प्रश्न (यह संख्या पद के अनुसार बदल सकती है)।
  • अवधि: 2 घंटे।
  • नेगेटिव मार्किंग: हाँ, सामान्यतः प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 या 1/4 अंक काटे जाते हैं।
  • भाषा: प्रश्न पत्र आमतौर पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होता है।

6.2. तकनीकी भाग का पाठ्यक्रम (80% वेटेज)

यह हिस्सा आपके चयन का सबसे महत्वपूर्ण कारक है।

  • कनिष्ठ अभियंता (सिविल): बिल्डिंग मटेरियल (B.M.), सर्वेइंग, सॉइल मैकेनिक्स, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, हाइड्रोलिक्स, इरिगेशन इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग। कोर कॉन्सेप्ट्स और उनके अनुप्रयोग पर अधिक ध्यान दें।
  • ANM/GNM: मिडवाइफरी, कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग, चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग, फंडामेंटल्स ऑफ नर्सिंग, हेल्थ प्रमोशन, और पोषण।

6.3. गैर-तकनीकी भाग: सामान्य ज्ञान और योग्यता (20% वेटेज)

  • सामान्य ज्ञान: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स, भारत और बिहार का इतिहास, भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था। बिहार से संबंधित प्रमुख व्यक्तित्व और ऐतिहासिक स्थल।
  • तार्किक क्षमता (Reasoning) और सामान्य योग्यता (Aptitude): बेसिक गणितीय क्षमता, डेटा इंटरप्रिटेशन, कोडिंग-डिकोडिंग, ब्लड रिलेशन और सीरीज।

7. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)

ऑनलाइन आवेदन करते समय सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।

7.1. अनिवार्य दस्तावेज और फोटोग्राफ/हस्ताक्षर के मानक

  • दस्तावेज: मैट्रिक, इंटर और डिप्लोमा/डिग्री के प्रमाण पत्र और मार्कशीट की स्कैन कॉपी।
  • जाति/निवास/EWS: सभी प्रमाण पत्र ‘ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि’ से पहले जारी किए गए होने चाहिए। OBC/EBC उम्मीदवारों के लिए नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र बिहार सरकार के फॉर्मेट में अनिवार्य है।
  • फोटो और हस्ताक्षर: फोटो स्पष्ट, हल्के बैकग्राउंड वाला और हाल ही का होना चाहिए (6 महीने से पुराना नहीं)। हस्ताक्षर स्पष्ट रूप से हिंदी और अंग्रेजी दोनों में स्कैन करके अपलोड करने होंगे।

7.2. आवेदन शुल्क संरचना और भुगतान विधि

शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यमों (नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, यूपीआई) से किया जाता है।

  • सामान्य/OBC/EBC (पुरुष): लगभग ₹600।
  • SC/ST/महिला (सभी श्रेणी) / दिव्यांगजन (बिहार निवासी): लगभग ₹150।शुल्क की सही राशि विज्ञापन में देखें।

7.3. आवेदन में त्रुटि सुधार (Correction Window) की संभावनाएँ

सामान्यतः, आयोग एक निश्चित समय के लिए ‘Correction Window’ खोलता है। हालाँकि, यह सुविधा हमेशा उपलब्ध नहीं होती और इसमें भी सभी डेटा फ़ील्ड को बदलने की अनुमति नहीं होती है। इसलिए, फाइनल सबमिट करने से पहले कम से कम दो बार फॉर्म का पूर्वावलोकन (Preview) करें।


8. सफलता की सुनिश्चित रणनीति (A Comprehensive Preparation Plan)

BTSC में सफल होने के लिए एक अनुशासित और बहुआयामी रणनीति आवश्यक है।

8.1. समय प्रबंधन और दैनिक अध्ययन योजना

  • कोर विषय पर ध्यान: अपने 80% समय को तकनीकी विषयों पर केंद्रित करें।
  • नियमितता: 4-5 घंटे का दैनिक अध्ययन और सप्ताह के अंत में 2 घंटे का रिवीजन आवश्यक है।
  • कमजोरियों को दूर करें: उन विषयों को पहचानें जहाँ आपको मुश्किल आती है और उन्हें प्राथमिकता दें।

8.2. मानक अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन संसाधन

  • इंजीनियरिंग के लिए: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC JE, GATE/IES के वन-लाइनर) की ऑब्जेक्टिव बुक्स और आपके डिप्लोमा/डिग्री के नोट्स।
  • नर्सिंग के लिए: NCLEX पैटर्न की गाइड्स और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देश।
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म: विभिन्न YouTube चैनल और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज (Test Series) का उपयोग करें जो BTSC पैटर्न के अनुरूप हों।

8.3. मॉक टेस्ट और सेल्फ-एनालिसिस का महत्व

सप्ताह में कम से कम एक पूर्ण लंबाई का मॉक टेस्ट देना अनिवार्य है।

  • उद्देश्य: समय प्रबंधन, परीक्षा के दबाव को संभालना और नेगेटिव मार्किंग से बचना सीखना।
  • एनालिसिस: मॉक टेस्ट के बाद अपनी गलतियों को नोट करें। यदि आपने किसी प्रश्न का उत्तर अनुमान के आधार पर दिया और वह गलत हो गया, तो उस विषय का पुनरीक्षण (Revision) तुरंत करें।

9. वेतनमान, कैरियर ग्रोथ और प्रमोशन के अवसर

सरकारी नौकरी का आकर्षण केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छी सैलरी और ग्रोथ भी है।

9.1. 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्लैब

पद (उदाहरण)पे लेवल (7th CPC)प्रारंभिक मूल वेतन (Approx.)अनुमानित मासिक ग्रॉस सैलरी
कनिष्ठ अभियंता (JE)लेवल-7₹44,900₹65,000 – ₹70,000
स्टाफ नर्स (GNM)लेवल-7₹44,900₹65,000 – ₹70,000
ANMलेवल-4₹25,500₹35,000 – ₹40,000

9.2. भत्ते और अनुलाभ (Allowances and Perks)

  • महंगाई भत्ता (DA): यह केंद्र सरकार के अनुरूप समय-समय पर बढ़ता रहता है।
  • मकान किराया भत्ता (HRA): शहर के वर्गीकरण के अनुसार (X, Y, Z शहर)।
  • चिकित्सा भत्ता (Medical Allowance): स्वास्थ्य सेवाओं के लिए।
  • पेंशन: नई पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत भविष्य की सुरक्षा।

9.3. उच्च पदों पर पदोन्नति (Promotion)

एक कनिष्ठ अभियंता (JE) समय के साथ पदोन्नत होकर सहायक अभियंता (Assistant Engineer) और फिर कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) तक पहुँच सकता है। इसी प्रकार, नर्सिंग स्टाफ को भी पर्यवेक्षी और प्रशासनिक पदों पर पदोन्नति मिलती है। प्रमोशन के लिए विभागीय परीक्षा (Departmental Exam) उत्तीर्ण करना आवश्यक हो सकता है।


10. दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification – DV) की तैयारी

DV चयन प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है।

10.1. आवश्यक मूल प्रमाण पत्रों की सूची

  1. शैक्षणिक प्रमाण पत्र: मैट्रिक से लेकर अंतिम योग्यता तक के सभी मूल अंक पत्र (Marksheets) और प्रमाण पत्र (Certificates)।
  2. सरकारी ID: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID।
  3. जाति/निवास/NCL: सक्षम अधिकारी द्वारा जारी वर्तमान प्रमाण पत्र।
  4. अनुभव प्रमाण पत्र: यदि लागू हो, तो विभाग के लेटरहेड पर जारी प्रमाण पत्र।
  5. ऑनलाइन आवेदन की प्रति: फाइनल सबमिट किए गए फॉर्म की प्रिंटेड कॉपी।
  6. फोटोग्राफ: आवेदन पत्र में उपयोग की गई 5-6 अतिरिक्त प्रतियाँ।

10.2. काउंसलिंग के दौरान सत्यापन प्रक्रिया

  • उम्मीदवार को निश्चित तिथि और समय पर आयोग द्वारा निर्दिष्ट स्थान पर उपस्थित होना होता है।
  • एक अधिकारी आपके आवेदन फॉर्म के साथ आपके सभी मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करता है।
  • किसी भी दस्तावेज में विसंगति (Mismatch) पाए जाने पर, जैसे नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम, या जन्मतिथि, आपका आवेदन तत्काल अस्वीकृत किया जा सकता है।

11. कानूनी पहलू और आयोग के विवाद (Legal Aspects)

BTSC को अक्सर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, विशेष रूप से JE की भर्तियों में।

11.1. JE भर्ती में शैक्षणिक योग्यता पर कानूनी विवाद

  • विवाद: JE के पदों पर डिप्लोमा और डिग्री (B.Tech) धारकों के वेटेज को लेकर अक्सर उच्च न्यायालय में मामले दायर हुए हैं।
  • वर्तमान रुझान: कई मामलों में, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि विज्ञापन में न्यूनतम योग्यता डिप्लोमा रखी गई है, तो डिप्लोमाधारक ही पद के लिए मुख्य रूप से पात्र होंगे, हालांकि डिग्रीधारकों को भी आवेदन का मौका मिलता रहा है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे विज्ञापन की शर्तों को हूबहू पूरा करते हों।

11.2. पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उपाय

BTSC ने कानूनी चुनौतियों का जवाब देने के लिए CBT परीक्षा पैटर्न को अपनाया है। परीक्षा आयोजित होने से परिणाम घोषित होने तक, पूरी प्रक्रिया को डिजिटाइज्ड और केंद्रीकृत किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।


12. निष्कर्ष: बिहार के तकनीकी भविष्य का निर्माण

बिहार तकनीकी सेवा आयोग की रिक्तियाँ केवल सरकारी नौकरी के अवसर नहीं हैं, बल्कि ये बिहार के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान हैं। 2025-26 का वर्ष बम्पर भर्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित होने की उम्मीद है, खासकर तब जब राज्य सरकार आधारभूत संरचना और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी निवेश कर रही है।

तैयारी शुरू करने का सही समय ‘कल’ नहीं, बल्कि ‘आज’ है। BTSC परीक्षा की प्रकृति को समझें, अपने तकनीकी ज्ञान को सुदृढ़ करें और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझते हुए आवेदन करें। समर्पण और निरंतर प्रयास ही आपको इस प्रतिस्पर्धा में आगे रखेंगे।

हमारा अंतिम सुझाव: अपने तकनीकी कौशल को उत्कृष्ट बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि चयन का 80% हिस्सा इसी पर निर्भर करता है।


13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) का संग्रह

Q1: क्या BTSC की सभी भर्तियां केवल CBT परीक्षा पर आधारित होंगी?

उत्तर: आयोग अब CBT आधारित चयन को प्राथमिकता दे रहा है। हालांकि, कुछ विशिष्ट पदों (जैसे विशेषज्ञ डॉक्टर) के लिए केवल शैक्षणिक मेरिट और अनुभव को आधार बनाया जा सकता है। आपको विज्ञापन की जाँच करनी होगी।

Q2: क्या संविदा पर काम करने का अनुभव किसी प्राइवेट कंपनी का भी मान्य होगा?

उत्तर: नहीं। अनुभव का लाभ केवल उन उम्मीदवारों को मिलता है जिन्होंने बिहार सरकार के अधीन किसी विभाग या उपक्रम में संविदा पर कार्य किया हो। निजी क्षेत्र का अनुभव मान्य नहीं होता है।

Q3: मेरा डिप्लोमा अन्य राज्य से है, क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?

उत्तर: हाँ, आप आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, आपको आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा और आपको सामान्य (Unreserved/General) श्रेणी के तहत माना जाएगा।

Q4: NCL (Non-Creamy Layer) प्रमाण पत्र कितना पुराना होना चाहिए?

उत्तर: NCL प्रमाण पत्र वित्तीय वर्ष के अनुसार मान्य होता है। इसे आवेदन की अंतिम तिथि से पहले जारी किया गया होना चाहिए और यह नवीनतम वित्तीय वर्ष का होना चाहिए। यदि यह पुराना है, तो आपको नया बनवा लेना चाहिए।

Q5: BTSC की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

उत्तर: आयोग की आधिकारिक वेबसाइट btsc.bih.nic.in है। सभी सूचनाएं और विज्ञापन इसी वेबसाइट पर जारी किए जाते हैं।

तुरंत आवेदन करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *